कहानी – पंचलाइट (पंचलैट)

गोधन पंचलैट बालना जानता है। लेकिन, गोधन का हुक्का-पानी पंचायत से बंद है। पूरा पढ़ें...

कहानी – पंचलाइट (पंचलैट)

दो सर वाला पक्षी – अपरीक्षित कारक की कहानी

एक तालाब में भारण्ड नाम का एक विचित्र पक्षी रहता था । इसके मुख दो थे, किन्तु पेट एक ही था । एक दिन समुद्र के किनारे घूमते हुए उसे एक अमृतसमान मधुर फल मिला । पूरा पढ़ें...

दो सर वाला पक्षी – अपरीक्षित कारक की कहानी

जानिए सिंदबाद जहाजी और उनके समुद्री यात्राओं को

सिंदबाद जहाजी के किस्से की इस सीरीज में हम आपको उनकी सातों यात्राओं की कहानी बताने वाले है। उनके बहादुरी के यह किस्से उम्मीद है आप सभी को बहुत पसंद आने वाले हैं। पूरा पढ़ें...

जानिए सिंदबाद जहाजी और उनके समुद्री यात्राओं को

ब्राह्मणी और नेवला की कथा – अपरीक्षित कारक की कहानी

एक बार देवशर्मा नाम के ब्राह्मण के घर जिस दिन पुत्र का जन्म हुआ उसी दिन उसके घर में रहने वाली नकुली ने भी एक नेवले को जन्म दिया । पूरा पढ़ें...

ब्राह्मणी और नेवला की कथा – अपरीक्षित कारक की  कहानी

कुत्ता जो विदेश चला गया – लब्ध प्रणाश की कहानी

एक गाँव में चित्रांग नाम का कुत्ता रहता था । वहां दुर्भिक्ष पड़ गया । अन्न के अभाव में कई कुत्तों का वंशनाश हो गया । अन्न के अभाव में कई कुत्तों का वंशनाश हो गया । पूरा पढ़ें...

कुत्ता जो विदेश चला गया – लब्ध प्रणाश की कहानी

कुम्हार की कहानी – लब्ध प्रणाश की कहानी

युधिष्ठिर नाम का कुम्हार एक बार टूटे हुए घड़े के नुकीले ठीकरे से टकरा कर गिर गया । गिरते ही वह ठीकरा उसके माथे में घुस गया । खून बहने लगा । पूरा पढ़ें...

कुम्हार की कहानी – लब्ध प्रणाश की कहानी

लालची नागदेव और मेढकों का राजा – लब्ध प्रणाशा की कहानी

एक कुएं में बहुत से मेंढक रहते थे। उनके राजा का नाम था गंगदत्त। गंगदत्त बहुत झगडालू स्वभाव का था। आसपास दो तीन और भी कुएं थे। पूरा पढ़ें...

लालची नागदेव और मेढकों का राजा – लब्ध प्रणाशा की कहानी

वैलेंटाइन वीक: वैलेंटाइन डे की शायरी

वैलेंटाइन वीक का महापर्व - वैलेंटाइन डे. पूरा पढ़ें...

वैलेंटाइन वीक: वैलेंटाइन डे की शायरी

वैलेंटाइन वीक: किस डे की शायरी

वैलेंटाइन वीक का सातवां दिन - किस डे. पूरा पढ़ें...

वैलेंटाइन वीक: किस डे की शायरी

ब्राह्मण, चोर, और दानव की कथा – संधि-विग्रह की कहानी

एक गाँव में द्रोण नाम का ब्राह्मण रहता था । भिक्षा माँग कर उसकी जीविका चलती थी । सर्दी-गर्मी रोकने के लिये उसके पास पर्याप्त वस्त्र भी नहीं थे । पूरा पढ़ें...

ब्राह्मण, चोर, और दानव की कथा – संधि-विग्रह की कहानी