मस्तक पर चक्र – अपरीक्षित कारक की कहानी

एक नगर में चार ब्राह्मण पुत्र रहते थे । चारों में गहरी मैत्री थी । चारों ही निर्धन थे । निर्धनता को दूर करने के लिए चारों चिन्तित थे । उन्होंने अनुभव कर लिया था पूरा पढ़ें...

मस्तक पर चक्र – अपरीक्षित कारक की  कहानी

ब्राह्मणी और नेवला की कथा – अपरीक्षित कारक की कहानी

एक बार देवशर्मा नाम के ब्राह्मण के घर जिस दिन पुत्र का जन्म हुआ उसी दिन उसके घर में रहने वाली नकुली ने भी एक नेवले को जन्म दिया । पूरा पढ़ें...

ब्राह्मणी और नेवला की कथा – अपरीक्षित कारक की  कहानी

पाँचवा तंत्र – प्रारंभ की कथा – अपरीक्षित कारक की कहानी

दक्षिण प्रदेश के एक प्रसिद्ध नगर पाटलीपुत्र में मणिभद्र नाम का एक धनिक महाजन रहता था । लोक-सेवा और धर्मकार्यों में रत रहने से उसके धन-संचय में कुछ़ कमी आ गई, समाज में मान घट गया । पूरा पढ़ें...

पाँचवा तंत्र – प्रारंभ की कथा – अपरीक्षित कारक की कहानी

स्त्री-भक्त राजा – लब्ध प्रणाश की कहानी

एक राज्य में अतुलबल पराक्रमी राजा नन्द राज्य करता था । उसकी वीरता चारों दिशाओं में प्रसिद्ध थी । आसपास के सब राजा उसकी वन्दना करते थे । पूरा पढ़ें...

स्त्री-भक्त राजा – लब्ध प्रणाश की कहानी

स्त्री का विश्वास – लब्ध प्रणाश की कहानी

एक स्थान पर एक ब्राह्मण और उसकी पत्‍नी बड़े प्रेम से रहते थे । किन्तु ब्राह्मणी का व्यवहार ब्राह्मण के कुटुम्बियों से अच्छा़ नहीं था । परिवार में कलह रहता था । पूरा पढ़ें...

स्त्री का विश्वास – लब्ध प्रणाश की कहानी

कुत्ता जो विदेश चला गया – लब्ध प्रणाश की कहानी

एक गाँव में चित्रांग नाम का कुत्ता रहता था । वहां दुर्भिक्ष पड़ गया । अन्न के अभाव में कई कुत्तों का वंशनाश हो गया । अन्न के अभाव में कई कुत्तों का वंशनाश हो गया । पूरा पढ़ें...

कुत्ता जो विदेश चला गया – लब्ध प्रणाश की कहानी

सियार की रणनीति – लब्ध प्रणाश की कहानी

एक राज्य में अतुलबल पराक्रमी राजा नन्द राज्य करता था । उसकी वीरता चारों दिशाओं में प्रसिद्ध थी । आसपास के सब राजा उसकी वन्दना करते थे । पूरा पढ़ें...

सियार की रणनीति  – लब्ध प्रणाश की कहानी

अविवेक का मूल्य – लब्ध प्रणाश की कहानी

एक गांव में उज्वलक नाम का बढ़ई रहता था । वह बहुत गरीब था । ग़रीबी से तंग आकर वह गांव छो़ड़कर दूसरे गांव के लिये चल पड़ा । पूरा पढ़ें...

अविवेक का मूल्य – लब्ध प्रणाश की कहानी

वाचाल गधा और धोबी – लब्ध प्रणाश की कहानी

एक शहर में शुद्धपट नाम का धोबी रहता था । उसके पास एक गधा भी था । घास न मिलने से वह बहुत दुबला हो गया । धोबी ने तब एक उपाय सोचा । पूरा पढ़ें...

वाचाल गधा और धोबी – लब्ध प्रणाश की कहानी

गीदड़ गीदड़ ही रहता है – लब्ध प्रणाश की कहानी

एक जंगल में शेर-शेरनी का युगल रहता था । शेरनी के दो बच्चे हुए । शेर प्रतिदिन हिरणों को मारकर शेरनी के लिये लाता था । दोनों मिलकर पेट भरते थे । पूरा पढ़ें...

गीदड़ गीदड़ ही रहता है – लब्ध प्रणाश की कहानी