मिर्ज़ा ग़ालिब के 20 सदाबहार शायरियों का संग्रह – पार्ट 1

जिंदगी को करीब से जानने के लिए इनके शेरों के रास्ते गुजरना ही पड़ता है. पूरा पढ़ें...

मिर्ज़ा ग़ालिब के 20 सदाबहार शायरियों का संग्रह – पार्ट  1

कोई दिन गर ज़िंदगानी और है

ग़ालिब साहब की हर शायरी को आराम से समझना होता है, इनकी हर लफ्ज़ कुछ अलग बयां करती है. पूरा पढ़ें...

कोई दिन गर ज़िंदगानी और है

देखना क़िस्मत कि आप अपने पे रश्क आ जाए है

देखना क़िस्मत कि आप अपने पे रश्क आ जाए है मैं उसे देखूँ भला कब मुझ से देखा जाए है पूरा पढ़ें...

देखना क़िस्मत कि आप अपने पे रश्क आ जाए है