कायली जेनर: जानिए दुनिया के सबसे कम उम्र की अरबपति को।

एक बात से आप कन्फ्यूज मत होना - कायली दुनिया में सबसे कम उम्र की अरबपति है सबसे अमीर नहीं। पूरा पढ़ें...

कायली जेनर: जानिए दुनिया  के सबसे कम उम्र की अरबपति को।

जानिए कश्मीरी पंडितों को, जिन्हें जान बचाने के लिए अपने ही घर से भागना पड़ा।

हालांकि आंकड़ों के मुताबिक अभी लगभग 20 हजार पंडित कश्मीर में रहते हैं। उम्मीद तो यही है कि जन्नत फिर से एक बार जन्नत बन जाए। पूरा पढ़ें...

जानिए कश्मीरी पंडितों को, जिन्हें जान बचाने के लिए अपने ही घर से भागना पड़ा।

बरमूडा ट्राइंगल का रहस्य: कितना सच कितना झूठ. . ??

यह स्टोरी आपके सभी भ्रम को दूर कर देगी। पूरा पढ़ें...

बरमूडा ट्राइंगल का रहस्य: कितना सच कितना झूठ. . ??

कहानी सीसीडी के मालिक वी जी सिद्धार्थ की, जो अरबपति होकर भी खुदखुशी कर लिया

आपको यह जानना भी बेहद जरुरी है कि ये टैक्स टेररिज्म क्या होता है। पूरा पढ़ें...

कहानी सीसीडी के मालिक वी जी सिद्धार्थ की, जो अरबपति होकर भी खुदखुशी कर लिया

जेट एयरवेज: कैसे नरेश गोयल ने खुद ही अपनी कम्पनी का गला घोंट दिया?

जब लोग आलू पराठा बाँट रहे थे, ये अपने कस्टमर को मलाई कोफ्ता खिला रहा था। पूरा पढ़ें...

जेट एयरवेज: कैसे नरेश गोयल ने खुद ही अपनी कम्पनी का गला घोंट दिया?

बिहार-झारखण्ड और नेपाल के धरोहर को समृद्ध बनाता सामा-चकेवा

सामा-चकेवा के आठ दिवसीय त्योहार का प्रकृति एवं पर्यावरण से गहरा संबंध है. क्योंकि इस आयोजन का एक बड़ा उदेश्य मिथिला क्षेत्र में आने वाले प्रवासी पक्षियों को सुरक्षा और सम्मान देना भी है, जो इन दिनों दूर दराज से इस क्षेत्र में आते है. पूरा पढ़ें...

बिहार-झारखण्ड और नेपाल के धरोहर को समृद्ध बनाता सामा-चकेवा

कहानी नटवर लाल की, जिसने तीन बार ताज महल को बेच दिया था

आज बात होगी उस शख्स की जिसने आपने कामों से या ऐसे बोले की कारनामों से प्रशासन और सरकार की नींदें उड़ा दी थी. वो शख्स कोई और नहीं बल्कि मिथलेश कुमार श्रीवास्तव था, उर्फ़ मि. नटवरलाल. पूरा पढ़ें...

कहानी नटवर लाल की, जिसने तीन बार ताज महल को बेच दिया था

माइक पर आज़ादी चिल्लाने वाले क्रन्तिकारी नहीं होते, उसके लिए भगत सिंह बनना पड़ता है

मैं यह मानता हूँ कि मह्त्वकांक्षी, आशावादी एवं जीवन के प्रति उत्साही हूँ लेकिन आवश्यकता अनुसार मैं इस सबका परित्याग कर सकता हूँ और यही सच्चा त्याग होगा. पूरा पढ़ें...

माइक पर आज़ादी चिल्लाने वाले क्रन्तिकारी नहीं होते, उसके लिए भगत सिंह बनना पड़ता है

नेल्सन मंडेला की वो बातें जो हर युग में प्रासंगिक रहेगी

दक्षिण अफ्रीका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति नेल्सन रोलीह्लला मंडेला का जन्म 18 जुलाई 1918 को म्वेज़ो, ईस्टर्न केप, दक्षिण अफ़्रीका संघ में हुआ था. रोहिल्हाला का अर्थ होता है पेङ की डालियां तोङने वाला या प्यारा शैतान बच्चा। इनके पिता का नाम गेडला हेनरी म्फ़ाकेनिस्वा और माता का नाम नेक्यूफी नोसकेनी था. पूरा पढ़ें...

नेल्सन मंडेला की वो बातें जो हर युग में प्रासंगिक रहेगी